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अब ‘सरयू नदी’ हुई घाघरा, योगी कैबिनेट की मुहर

उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने प्रदेश में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के साथ ही कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। सोमवार को मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट में घाघरा नदी का नाम बदलकर ‘सरयू नदी’ करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह नदी दक्षिणी तिब्बत के ऊंचे पर्वत शिखर में मापचाचुंगो हिमनद से निकलती है और उत्तर प्रदेश में बहराइच, सीतापुर, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मऊ, बस्ती, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और बलिया से होकर गुजरती है।

यह गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है। निचली घाघरा नदी को सरयू के नाम से भी जाना जाता है। अयोध्या इसके दायें किनारे पर स्थित है। कैबिनेट ने इसका नाम बदलकर सरयू करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। अब राजस्व अभिलेखों में इसका नाम सरयू दर्ज किया जाएगा।

कैबिनेट ने कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी

उन्नाव जनपद के थाना कोतवाली सदर के अन्तर्गत दही पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर नवीन मार्डन पुलिस थाना की स्थापना हेतु यूपीएसआईडीसी से नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने पुलिस विभाग के जर्जर व बेकार पड़े भवनों को ध्वस्त किए जाने पर सहमति दी।

जिला कारागार, प्रयागराज को पूरा कराए जाने के लिए प्रस्तावित लागत 200 करोड़ से अधिक होने के कारण वित्त विभाग की व्यवस्था के अनुरूप व्यय प्रस्ताव को दी मंजूरी।

विधानसभा क्षेत्र बरेली नगर, जनपद बरेली में बस स्टेशन का निर्माण कराए जाने के लिए मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार और नगर निगम, बरेली की रिक्त भूमि परिवहन विभाग को नि:शुल्क दिए जाने को दी मंजूरी।

गोरखपुर के सोनौली-नौतनवां-गोरखपुर-देवरिया-बलिया मार्ग को गोरखपुर शहर से देवरिया बॉर्डर तक चौड़ीकरण व सुदृढीकरण कराए जाने पर मंजूरी।

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