रामनवमी के दिन ही हो सकता है राम मन्दिर का शिलान्यास

ram mandir

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पिछले कई सालो से विवादों से सुर्ख़ियों में बनी रही राम जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर सबकी नज़रों में बना हुआ है। बीते नवंबर को कई वर्षों से विवादों का केंद्र बने अयोध्या को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जिसके तहत राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए दी गयीं थी और राम जन्म भूमि में एक भव्य राम मंदिर निर्माण बनाने का आदेश दिया गया था।

जिसके तहत मोदी सरकार ने बताया कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य रामनवमी यानी दो अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। शिलान्यास के दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे इसके साथ ही कार्यक्रम का संदेश देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए कई विदेशी मेहमानों को भी निमंत्रण दिए जाने पर विचार विमर्श हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के दौरान राम लला को कुछ समय के लिए वहा से हटाया जा सकता है। अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि संभवत: गर्भगृह निर्माण के दौरान ऐसी स्थिति आ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर का हिंदुओं के लिए ईसाईयों के वेटिकन सिटी और मुसलमानों के मक्का की तरह ही महत्व है। ऐसे में भव्य मंदिर का निर्माण होगा।