लखनऊ: मुठभेड़ में ढेर हुआ एक लाख का इनामी बदमाश


राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में पुलिस व एसटीएफ से मुठभेड़ में आजमगढ़ के एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सचिन पांडे को गोली लगी, जिसके बाद उसे लोहिया अस्‍पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है हत्या लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में उसका एनकाउंटर किया जिसमें उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि सचिन पांडेय पर एक लाख रुपये का इनाम था। वो शार्प शूटर था किसी गैंग के लिए काम नहीं करता था, जिससे हत्‍या की सुपारी मिलती थी उसके लिए काम करता था। सचिन पर हत्या, लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज थे। यहां तक कि यूपी से लेकर बिहार तक सचिन पांडे कांट्रेक्‍ट पर  हत्या करता था। एसटीएफ को मिली सूचना के बाद एमिटी के पास उसे पकड़ा गया जहां उसने पुलिस पर गोली चला दी जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसे गोली लग गई। पुलिस सचिन को लोहिया अस्‍पताल लेकर गई जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सचिन को तीन गोली लगने का अनुमान लगाया गया है। शव की तलाशी में 27 हज़ार 500 रुपए मिले हैं। वहीं, बॉडी को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।

सचिन पर घोषित था 25 हजार रुपये का इनाम

निजामाबाद कस्बा के निवासी सचिन पांडेय पुत्र दिनेश पांडेय निजामाबाद थाना का हिस्ट्रीशीटर था। वह गैंग बनाकर हत्या व लूट की घटना को अंजाम देता था। पुलिस रिकार्ड में उसका गैंग डी 16 के नाम से पंजीकृत है। उसके गैंग में 11 सदस्य शामिल हैं। सचिन इसी वर्ष जुलाई में जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। शहर कोतवाली क्षेत्र में 17 सितंबर 2013 की रात को सीओ सिटी के हमराही आरक्षी रजनीश को भी गोली मारी थी। सचिन के खिलाफ 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।