उत्तर प्रदेशदेशवाराणसी

शहीद के भाई ने कही ऐसी बात कि रो पड़े सेना के अधिकारी

राजेश ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा कि यदि सरकार मुझे सेना में सेवा का मौका दे तो मैं भी सीमा पर जाने से पीछे नहीं हटूंगा

वाराणसी: पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए रमेश यादव के भाई को भी उम्र भर इस बात का मलाल रहेगा कि वे अपने शहीद भाई का अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके। रविवार को घर पहुंचे रमेश के भाई ने सरकार के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है जिसे जानकर हर भारतीय को उन पर फक्र होगा।

वाराणसी के तोफापुर गांव के शहीद रमेश यादव के बड़े भाई राजेश यादव रविवार को दोपहर दो बजे बेलगांव (कर्नाटक) से घर पहुंचे तो भाई का चेहरा भी नहीं देख पाने के गम में आंखों से आंसू छलक गए। उन्हें रोता देखकर मां-बाप समेत बहन और शहीद की पत्नी रेनू भी जोर-जोर से रोनर लगीं।

राजेश ने कहा कि भाई देश की खातिर शहीद हो गया, इस पर मुझे गर्व है, लेकिन वह उनकी अंत्येष्टि में भी शामिल नहीं हो पाए, इसका जीवन भर दुख रहेगा। प्रधानमंत्री से यही अपेक्षा है कि जवानों की शहादत का बदला आतंकवादियों को मौत के घाट उतार कर लें. राजेश ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा कि यदि सरकार मुझे सेना में सेवा का मौका दे तो मैं भी सीमा पर जाने से पीछे नहीं हटूंगा।

शहीद रमेश की मां राजमती ने बिलखते हुए कहा कि 12 फरवरी को घर से निकलते वक्त रमेश ने उनसे आशीर्वाद लिया था और वादा किया था कि वह जल्दी जाएगा। लेकिन हमें क्या पता था कि एक माह तक साथ बैठकर हंसाने वाला रमेश अब कभी वापस नहीं जाएगा।

आराजी लाइन ब्लाक सभागार में पुलवामा में शहीद हुए जवानों की श्रद्धांजलि दी गई। ब्लाक प्रमुख नगीना पटेल ने कहा कि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक कर्मियों के सहयोग से ढाई लाख रुपये एकत्र किए जाएंगे। इसमें से एक लाख रुपये शहीद रमेश के परिजनों और डेढ़ लाख रुपये सैनिक कल्याण कोष में जमा किए जाएंगे।

Tags
Show More

Related Articles

Close
Close