हुनर के उस्तादों का सजा बाजार, CM ने किया उद्घाटन

हुनर हाट में सीएम योगी


हुनर के उस्तादों की शानदार व जानदार विरासत के लिए शनिवार को लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा क्राफ्ट, क्यूज़ीन और कल्चर का मेगा मिशन ‘हुनर हाट’ का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने किया। गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों में पूरे देश के विभिन्न शहरों में अब तक इस प्रकार के 16 हुनर हाट लगाए जा चुके है। 21 जनवरी तक चलने वाले इस लखनऊ हुनर हाट में विभिन्न राज्यों से आए 131 कारीगर हिस्सा ले रहे हैं।

इस मौके पर सीएम ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करना चाहते हैं, जिन्होंने परंपरागत हुनर को एक नया मंच दिया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में ‘हुनर हाट’ के आयोजन भारत सरकार के तत्वावधान में हो रहे हैं। निश्चित ही परंपरागत उद्यम, कलाकार और  शिल्पकार इससे लाभान्वित होंगे। परंपरागत उद्यम के कलाकारों को हुनर हाट के माध्यम से अपने उत्पादों को पूरी दुनिया में निर्यात करने का माध्यम मिलेगा।

सीएम ने कहा कि 24 जनवरी, 2018 को 68 वर्षों के बाद जब पहली बार उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया तो हमने प्रदेश में परंपरागत उद्यम और शिल्पकारों को आगे बढ़ाने के लिए ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना का शुभारंभ किया। एक जनपद-एक उत्पाद योजना के तहत हमने अपने शिल्पियों, उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए दुनिया भर की एक्जिबिशन में आने-जाने की सब्सिडी देने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग, मैपिंग और मार्केटिंग के लिए कार्यक्रम बनाया। अपने परंपरागत उद्यम में कारीगरों, कलाकारों के सहयोग और मेहनत की वजह से उत्तर प्रदेश का निर्यात प्रतिशत 28% रहा, जबकि पूरे देश का निर्यात प्रतिशत केवल 8% रहा। उत्तर प्रदेश में तमाम तरह की संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम ने कहा कि विगत दो वर्षों के बीच मैंने महसूस किया कि अगर हम थोड़ा सा सपोर्ट करें तो उत्तर प्रदेश के कारीगर देश और पूरी दुनिया में अपने शिल्प और अपनी कला का लोहा मनवा सकते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार के उपेक्षित होने की वजह से शिल्पकारों ने मुख मोड़ा। जिससे हमारी दस्तकारी शिल्पकारी गायब हो रही थी। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उन कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक उचित प्लेटफार्म दिया है। कारीगरों को जमीन की नही सरकार के सहयोग की जरूरत पड़ती है।

सीएम ने कहा कि परंपरागत उद्यम के अंतर्गत मुरादाबाद में पीतल, अलीगढ़ में हार्डवेयर की बेहतरीन तकनीक, मेरठ में खेल के सामान, भदोही में कालीन, बनारस में साड़ी आदि का निर्माण किया जाता है। पूरे प्रदेश के प्रत्येक 75 जिलों में परंपरागत उद्यम की असीम संभावनाएं हैं। प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त कर स्वच्छ और सुरक्षित करने के लिए हमने कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक दिए, जिससे उनकी कार्यक्षमता में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई। परंपरागत उद्यम के माध्यम से मिलने वाले मिट्टी के बर्तनों के दाम कम हुए और उत्पादन क्षमता बढ़ी है।

वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि परंपरागत उद्यम के कलाकारों को ‘हुनर हाट’ के माध्यम से अपने उत्पादों को पूरी दुनिया में निर्यात करने का माध्यम मिलेगा। भारत सरकार के तत्वावधान में देश के विभिन्न राज्यों में ‘हुनर हाट’ के आयोजन हो रहे हैं। इससे निश्चित ही परंपरागत उद्यम, कलाकार और शिल्पकार इससे लाभान्वित होंगे।