Azamgarh : कोरोनाकाल में सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार, IMA ने दिखाए सख्त तेवर


कोरोनाकाल में जहां एक तरफ डॉक्टर्स फ्रंटलाइन योद्धा के तौर पर अपनी ज़िंदगी दांव में लगाते हुए दिन-रात कोविड 19 मरीजों के इलाज के लिए सेवाएं दे रहे हैं, तो वहीं यूपी के आजमगढ़ जिले में इन दिनों चर्चा कुछ और ही है।


Azamgarh : कोरोनाकाल में सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार, IMA ने दिखाए सख्त तेवर

Azamgarh : कोरोनाकाल में सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार, IMA ने दिखाए सख्त तेवर Azamgarh : कोरोनाकाल में सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार, IMA ने दिखाए सख्त तेवर


आजमगढ़। कोरोनाकाल में जहां एक तरफ डॉक्टर्स फ्रंटलाइन योद्धा के तौर पर अपनी ज़िंदगी दांव में लगाते हुए दिन-रात कोविड 19 मरीजों के इलाज के लिए सेवाएं दे रहे हैं, तो वहीं यूपी के आजमगढ़ जिले में इन दिनों चर्चा कुछ और ही है। निजी विवाद को कोविड 19 के उपचार से जोड़कर लाइफ लाइन अस्पताल पर सोशल मीडिया के माध्यम से जा रहे हमले और डॉक्टर्स पर लगाए जा रहे आरोप सुर्ख़ियों में हैं और मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

क्या है मामला ?

दरअसल, इस मामले में विवाद तब शुरू हुआ था जब बीते दिनों कुछ लोगों ने पूर्व में बिना नंबर मरीज दिखाने और फ्री सेवा हासिल करने को लेकर लाइफ लाइन प्रबंधन के साथ कहासुनी हो गई थी। कोरोनाकाल के दौरान एक ब्रेन स्टोक का मरीज लाइफ लाइन में एडमिट हुआ, जिसकी जांच के लिए सैंपल भेजा गया। इसी दौरान वह मरीज दूसरे हॉस्पिटल में चला गया। जहां बाद में उसकी उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस बाबत अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ को जानकारी भी दी। अस्पताल से पहले से रंजिश रख रहे लोगों को मौका मिला तो उन्होंने अस्पताल के न्यूरो सर्जन को मानव तस्कर बताते हुए सोशल मीडिया पर जंग छेड़ दी।

भ्रामक प्रचार करने वाले सुधर जाएं : आईएमए

आईएमए अध्यक्ष डॉ. डीपी राय ने कहा कि सीएमओ ने अस्पतालों को कोविड-19 की ट्रेनिंग देकर डॉक्टर्स को सुरक्षा उपायों के साथ गंभीर मरीजों के इलाज की परमीशन दी है। लाइफ लाइन अस्पताल सरकार और प्रशासन द्वारा निर्धारित मापदंडो (एसओपी) का पूरी तरह पालन कर रहा है। इसके बाद भी कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर अस्पातल और डॉक्टर्स के खिलाफ भ्रामक प्रचार का अभियान चलाया जा रहा है, जिससे अस्पताल और डॉक्टर्स की छवि धूमिल हो रही है। इससे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ हतोत्साहित हो रहा है। ऐसे लोग अगर जल्द ही अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं, भविष्य में कड़े निर्णय लिए जाएंगे। आईएमए हमेशा प्रशासन और अस्पताल के साथ खड़ा है।