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Year Rewind 2019: इन दिग्गजों ने क्रिकेट से ली विदाई


साल 2019 अब खत्म होने को है। हर साल की तरह ही इस साल भी कुछ क्रिकेटर आपको 2020 में मैदान पर दिखाई नहीं देंगे। 2019 में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले ये सितारे अपने कौशल और शानदार परफॉर्मेंस से अब हर क्रिकेट फैन की यादों में बस जाएंगे। आइए एक नजर डालते हैं उन खिलाड़ियों पर जिन्होंने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

युवराज सिंहः दो बार विश्व कप विजेता टीम के हीरो युवराज सिंह ने जून 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका करियर 19 साल का रहा। भारत की तरफ से 304 वनडे, 40 टेस्ट और 58 टी-20 मुकाबले खेलने वाले युवराज भारत की 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में एकदिवसीय विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे।

युवराज 2011 के वर्ल्ड कप में ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे थे। युवराज ने कैंसर पर विजय पाकर भारतीय टीम में वापसी की और फिर 2014 टी-20 विश्व कप में खेले। युवराज ने विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों पर 11 रन बनाए और इसके बाद उनका करियर अवसान पर चला गया।

लसिथ मलिंगाः जुलाई में बांग्लादेश के खिलाफ तीन वनडे सीरीज के पहले मैच के बाद मलिंगा ने संन्यास की घोषणा कर दी। 35 वर्षीय मलिंगा वनडे क्रिकेट में श्रीलंका की तरफ से सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 220 मैचों में 338 विकेट लिए। मुथैया मुरलीधरन 523 के बाद मलिंगा का नंबर आता है। वनडे क्रिकेट में तीन हैट्रिक लेने वाले मलिंगा एकलौते गेंदबाज हैं।

उन्होंने इस फॉरमैट में 226 मैचों में कुल 338 विकेट लिए हैं। उन्होंने 2004 में श्रीलंका के लिए पहला मैच खेला था। मलिंगा ने संन्यास लेते वक्त कहा था, ‘मैंने पिछले 15 साल श्रीलंका के लिए खेला। देश के लिए खेलना सम्मान की बात है और मेरा समर्थन करने वाले इन लोगों और फैन्स के लिए खेलकर मैं वास्तव में बहुत खुश हूं। मुझे लगता है कि अब मुझे आगे बढ़ने होगा क्योंकि हमें 2023 विश्व कप के लिए टीम बनानी है और इसलिए मुझे एहसास हुआ कि ठीक है मेरा समय खत्म हो गया है और मुझे जाना चाहिए।’

डेल स्टेनः दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज स्टेन ने 2019 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने 93 टेस्ट खेले। दिसंबर 2004 में उन्होंने डेब्यू किया था। उन्होंने कुल 434 विकेट लिए। 36 वर्षीय स्टेन ने अपना अंतिम टेस्ट इस साल फरवरी में श्रीलंका के खिलाफ खेला। अपने शानदार करियर में उन्होंने 25बार पांच या उससे अधिक विकेट लीं। 51 रन पर 7 विकेट उनका बेस्ट गेंदबाजी परफॉर्मेंस है। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले 36 वर्षीय स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, ‘आज मैं खेल के उस प्रारूप को अलविदा कह रहा हूं जिसे मैं सबसे अधिक चाहता हूं।’ डेल स्टेन ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए मैच से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था।

हाशिम अमलाः दक्षिण अफ्रीका के ही शानदार बल्लेबाज अमला ने इस साल अक्तूबर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। 2013 में वह वनडे और टेस्ट क्रिकेट के शीर्ष रैंकिंग बल्लेबाज बने। रिकी पोंटिंग के बाद ऐसा करने वाले वह पहले बल्लेबाज थे। जैक कैलिस के बाद अमला दक्षिण अफ्रीका के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे।

उन्होंने 28 शतक लगाए। अमला दक्षिण अफ्रीका के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने तिहरा शतक लगाया है। इंग्लैंड के खिलाफ 2008 में उन्होंने 311 रन बनाए थे।  भारत के खिलाफ 28 नवंबर 2014 को कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 36 वर्षीय हाशिम अमला ने 15 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट की सेवा की। इस दौरान उन्होंने अपने देश के लिए 124 टेस्ट मैचों की 215 पारियों में 16 बार नॉटआउट रहते हुए 46.64 की औसत से 9282 रन बनाए।

शोएब मलिकः आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ 94 रन की जीत के बाद मलिक लंदन में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। मलिक को यह उम्मीद थी कि उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम मैच में खिलाया जाएगा। लेकिन टीम प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मलिक ने 237 वनडे में 7534 रन बनाए और 158 विकेट लिए हैं।

उन्होंने 35 टेस्ट और 111 टी-20 भी खेले हैं। शोएब मलिक ने पाकिस्तान के लिए वनडे क्रिकेट में 1999 में डेब्यू किया था। शोएब ने सभी फॉरमैट मिलाकर पाकिस्तान के लिए 56 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें से टीम को 36 में जीत और 18 में हार का सामना करना पड़ा

इमरान ताहिरः दक्षिण अफ्रीका के लेग स्पिनर इमरान ताहिर ने भी आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में ही अपना अंतिम मैच खेला। ताहिर ने 107 वन डे मैचों में 173 विकेट लिए। ताहिर ने 20 टेस्ट और 37 टी-20 भी खेले। लेकिन वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। 39 वर्षीय इमरान ताहिर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केपटाउन में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने 2011 में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। ताहिर ने साल 2013 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में अपना अंतरराष्ट्रीय टी20 डेब्यू किया था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 20 टेस्ट मैचों में 57, 95 वनडे मैचों में 156 और 37 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में 62 विकेट लिए हैं।

जेपी डुमिनी: दक्षिण अफ्रीका के ही जेपी डुमिनी ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वह वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले लेंगे। अगस्त 2004 में वनडे में डेब्यू करने वाले दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज जेपी डुमिनी ने इस विश्व कप में 17.50 की औसत से केवल 70 रन बनाए। डुमिनी ने 199 वनडे 5117 रन बनाए। इसमें चार शतक और 27 अर्द्धशतक भी शामिल हैं। 2013 में नीदरलैंड के खिलाफ नाबाद 150 रन की पारी उनका अधिकतम स्कोर है। उन्होंने 69 विकेट भी लिए हैं।

नुवान कुलाशेखराः जुलाई में श्रीलंका के नुवान कुलाशेखरा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने 263 वनडे और टेस्ट में कुल 313 विकेट लिए। उन्होंने 21 वर्ष की उम्र में 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया था। उन्होंने 58 टी-20 भी खेले और 66 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में वह 2016 में ही संन्यास ले चुके थे।

मोहम्मद आमिरः पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने इस साल जुलाई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। लेकिन वह वनडे और टी-20 के लिए उपलब्ध रहेंगे। 2009 से 2019 के बीच उन्होंने 36 टेस्ट मैच खेले और 30.47 की इकोनॉमी से 119 विकेट लिए। 2011 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के चलते उन पर पांच साल का प्रतिबंध भी लगा। वह छह माह इंग्लैंड की जेल में भी रहे, लेकिन 2015 में उन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया।

अजंता मेंडिस: श्रीलंका के मिस्ट्री गेंदबाज रहे अजंता मेंडिस ने अगस्त 2019 में हर तरह के क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। मेंडिस की उम्र 34 साल है और वो 2015 के बाद सेश्रीलंकाई नेशनल टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। 2015 के बाद से मेंडिस डोमेस्टिक क्रिकेट तो खेल रहे थे, ऐसा माना जा रहा है कि टीम में नहीं चुने जाने से निराश होकर उन्होंने संन्यास का फैसला लिया है। मेंडिस ने श्रीलंका के लिए 19 टेस्ट, 87 वनडे इंटरनेशनल मैच और 39 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। मेंडिस ने अपने सात साल के करियर में 70 टेस्ट विकेट लिए हैं। वहीं वनडे इंटरनेशनल और टी20 इंटरनेशनल मिलाकर उनके खाते में 218 विकेट हैं। अपने डेब्यू के साथ ही मेंडिस ने इंटरनेशनल क्रिकेट में सनसनी मचा दी थी। टेस्ट डेब्यू में उन्होंने आठ विकेट झटके थे, वहीं पहले वनडे इंटरनेशनल में तीन और पहले टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने चार विकेट झटके थे।