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उपमहाद्वीप के बाहर भी घातक बन गए हैं अश्विन: भज्जी

बर्मिंगम: साल 2011 से 2016 तक हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए मुकाबला चल रहा था। आजकल, हरभजन सिंह, हालांकि खेल से रिटायर नहीं हुए हैं लेकिन वह काफी समय से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हैं और वहीं दूसरी ओर अश्विन यह साबित करने में जुटे हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर भी उनकी फिरकी धारदार है। अश्विन ने इंग्लैंड की पहली पारी में 62 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके इस प्रदर्शन से हरभजन सिंह काफी खुश हैं। स्काई स्पोर्ट्स के लिए कॉमेंट्री कर रहे हरभजन ने चेन्नै के इस गेंदबाज की खुलकर तारीफ की।

अश्विन ने कहा, ‘मैंने अश्विन को भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर इससे अच्छी गेंदबाजी करते नहीं देखा। अश्विन ने बीते कुछ वर्षों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उनके ज्यादातर विकेट भारतीय उपमहाद्वीप में ही आए। घरेलू धरती पर भी विकेट आसानी से नहीं आते लेकिन जब परिस्थितियां आपके पक्ष में हों तो आप अधिक आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी करते हैं। भज्जी ने कहा कि अश्विन बहुत ज्यादा प्रयोग नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘बहुत ज्यादा प्रयोग का अर्थ होता कि आप अपने मुख्य हथियार का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।

इंग्लैंड में कैरम बॉल्स और गुगली से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि गेंद यहां उतनी स्पिन नहीं होती। इंग्लैंड में कामयाब होने के लिए बल्लेबाज को फ्लाइट में छकाना होगा और अश्विन ने यही किया। हरभजन से जब पूछा गया कि उन्हें अश्विन की गेंदबाजी में क्या अंतर नजर आया तो उन्होंने बताया, ‘मुझे लगता है कि वह अब सीमअप फेंक रहे हैं और गेंद को ज्यादा फ्लाइट देने से वह रिवर्स हो रही है जिससे वह ओवरस्पिन हो रही है। इंग्लैंड में गेंदबाजी करने का यह सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि जब तक आप गेंद को ज्यादा स्पिन नहीं करवाएंगे वह स्पिन नहीं होगी।

अश्विन ने बेसिक्स सही रखा और इसका उन्हें फायदा हुआ। इकॉनमी रेट भी उनके नियंत्रण का सबूत है। बता दें इस टेस्ट की दोनों पारियों में अश्विन ने एलिस्टर कुक को दोनों बार बोल्ड किया है। कुक अश्विन के आगे खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं और यह टेस्ट क्रिकेट नें 9वां मौका है, जब इस फिरकी गेंदबाज ने इस धाकड़ लेफ्टहैंडर को अपना शिकार बनाया है।

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