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Ind v/s Eng : सीरीज का पहला और इंग्लैंड का 1000वां टेस्ट मैच

बर्मिंघम: टेस्ट की नंबर-1 टीम भारत के सामने एक नई चुनौती इंतजार कर रही है। यह चुनौती है इंग्लैंड की। दोनों देशों के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच बुधवार से एजबेस्टन में शुरू हो रहा है। यह इंग्लैंड का 1000वां टेस्ट मैच होगा। इस मुकाम को हासिल करने वाली वह पहली टीम बनेगी। दोनों टीमों के लिए यह सीरीज अपने आपको साबित करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

टेस्ट की शीर्ष दो टीमें आने वाली चुनौती के लिए कमर कस चुकी हैं। भारत जुलाई से इंग्लैंड दौर पर है। उसने मेजबान टीम को तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 से मात दी, लेकिन वनडे में इंग्लैंड ने पलटवार करते हुए भारत को 2-1 से शिकस्त दी। अब टेस्ट की असल चुनौती में कौन किसे पटखनी देगा, इसके लिए महीनेभर से ज्यादा का इंतजार करना पड़ेगा।

भारत के लिए इंग्लैंड में सबसे बड़ी चुनौती यहां के हालात से तालमेल बिठाना है। इंग्लैंड दौरे से रवाना होने से पहले भारत में हुए संवाददाता सम्मेलन में भारतीय कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इस बात को माना था कि टेस्ट सीरीज को सबसे आखिरी में रखने से उनके खिलाडिय़ों को परिस्थतियों से सामंजस्य बिठाने में फायदा मिलेगा। इस समय इंग्लैंड में गर्मी का मौसम है। टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि इस समय इंग्लैंड में खेलना वैसा ही है जैसा भारत में मुंबई या चेन्नई में खेलना।

इस लिहाज से यह भारत के पक्ष की स्थिति नजर आती है। अमूमन इंग्लैंड में इस समय जैसा मौसम रहता है, उससे ज्यादा गर्मी पड़ रही है। इसी कारण पिचें किस तरह से बर्ताव करेंगी, यह देखना रोचक होगा। ज्यादा गर्मी से पिचें स्पिनरों की मददगार साबित हो सकती हैं और ऐसे में भारतीय टीम तीन स्पिनरों के साथ उतरती है या नहीं, यह मैच के दिन पता चलेगा। वैसे टीम में दो स्पिनरों का खेलना तय माना जा रहा है, लेकिन यह दो स्पिनर कौन होंगे यह कहना मुश्किल है।

रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा लगातार टेस्ट टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं कुलदीप यादव को भी पहले तीन टेस्ट मैचों की टीम में शामिल किया गया है। कुलदीप ने सीमित ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया था। कप्तान कोहली भी उनके पक्ष में हैं, लेकिन अश्विन और जडेजा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस सिरदर्दी से टीम प्रबंधन कैसे निपटेगा, यह उसके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगा। कोच और कप्तान के सामने हालांकि सिर्फ एक यही सिरदर्द नहीं है।

इंग्लैंड में किसी भी तरह के मौसम में तेज गेंदबाजों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन भारत के दो शीर्ष तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह चोटिल हैं। इन दोनों ने पिछले दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर बेहद प्रभावी गेंदबाजी की थी। इनकी गैरमौजूदगी में टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का भार अनुभवी ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव पर होगा।
हार्दिक पांड्या के तौर पर भी टीम में एक तेज गेंदबाज मौजूद है।

सलामी जोड़ी की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, यह भी भारत के लिए बड़ा सवाल है। शिखर धवन, मुरली विजय और लोकेश राहुल के तौर पर भारत के पास तीन सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं। एसेक्स के साथ खेले गए अभ्यास मैच में धवन बल्ले से नाकाम रहे थे। ऐसे में विजय और राहुल को अंतिम एकादश में मौका दिया जा सकता है। बाकी बल्लेबाजी क्रम लगभग तय माना जा रहा है।

तीन नंबर पर खेलने वाले चेतेश्वर पुजारा की फॉर्म खराब है, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें बाहर करने के मूड में नहीं लग रहा है। चौथे नंबर पर कप्तान कोहली और फिर रहाणे हैं। विकेटकीपिंग में भारत के पास दो विकल्प- दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत हैं। टीम प्रबंधन पंत को मौका देगा या कार्तिक को उतारेगा, यह भी उसके लिए बड़ा फैसला होगा, हालांकि अनुभव के कारण कार्तिक अंतिम एकादश में शामिल होने के बड़े दावेदार हैं।

इंग्लैंड की बात की जाए तो उसने मौजूदा हालात को देखते हुए लेग स्पिनर आदिल राशिद को अंतिम-11 में जगह दी है। राशिद टेस्ट संन्यास से वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच दिसंबर-2016 में भारत के खिलाफ भारत में ही खेला था। मोइन अली को उनके कारण बाहर जाना पड़ा है। तेज गेंदबाजी में जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड इंग्लैंड की उम्मीदें संभालेंगे।

इन दोनों को खेलना भारत के लिए भी कड़ी चुनौती साबित होगा। घरेलू जमीं पर खेलते हुए यह दोनों किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकते हैं। बल्लेबाजी में मेजबान टीम का सबसे बड़ा चेहरा कप्तान जोए रूट और पूर्व कप्तान एलेस्टर कुक हैं। इन दोनों के अलावा जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टॉ, केटन जेनिंग्स पर भी बल्लेबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी होगी।

 

भारत : विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), रविचंद्रन अश्विन, शिखर धवन, मुरली विजय, लोकेश राहुल, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), करुण नायर, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, उमेश यादव, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, चेतेश्वर पुजारा, शार्दुल ठाकुर।

 

इंग्लैंड : जोए रूट (कप्तान), जेम्स एंडरसन, जॉनी बेयरस्टॉ, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोस बटलर, एलेस्टर कुक, सैम कुरैन, केटन जेनिंग्स, डेविड मलान, आदिल राशिद, बेन स्टोक्स।

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