राजनीति

बिना पीएम कैंडिडेट ही मोदी का मुकाबला करेगा एकजुट विपक्ष

नई दिल्ली: 2019 के आम चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस ने कमर कस लिया है। अपने इस अभियान में विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में वह कामयाब होती भी दिख रही है। इस मामले में कांग्रेस ने साफ कर दिया कि 2019 का आम चुनाव वह विपक्षी दलों के साथ गठबंधन करके लड़ेगी और इस गठबंधन पर विपक्षी दलों के बीच सहमति बन गई है। सबसे अहम यह कि प्रधानमंत्री पद के लिए इस विपक्षी गठबंधन का पहले से कोई चेहरा नहीं होगा।

कांग्रेस ने कहा कि पीएम पद की दावेदारी फिलहाल अहम नहीं है। इस पर आम चुनाव के नतीजों के बाद फैसला होगा। हमारा एकमात्र मकसद नरेंद्र मोदी की अगुआई वाले गठबंधन एनडीए को फिर से सत्ता में आने से रोकना है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने राज्यवार तालमेल पर काफी होमवर्क किया है।

उसका विश्वास है कि पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ उसकी यह रणनीति कामयाब रहेगी। कांग्रेस का दावा है कि इस साल के आखिर में राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में उसकी जीत पक्की है। इन तीनों राज्यों में भी पार्टी बिना किसी चेहरे के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव में उतरेगी। कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि लोकसभा चुनाव में भी एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में पार्टी की लोकसभा सीटों में इजाफा होगा।

एमपी और राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस गठबंधन को तैयार है। यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में भी इस दिशा में बात काफी आगे बढ़ चुकी है। बिहार में कांग्रेस लालू यादव को ऐतिहासिक साथी मान रही है। पार्टी वहां जेडीयू नेता नीतीश कुमार को पूरी तरह बीजेपी के साथ देख रही है। यूपी में भी बीएसपी, समाजवादी पार्टी और अन्य बीजेपी विरोधी दलों के बीच रणनीतिक समझ बन गई है। कांग्रेस यूपी में चुनिंदा और अच्छी सीटों पर ही लड़ेगी।

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