राजनीति

श्रीमान जन प्रतिनिधिजी, अब तो जागो मंत्री महोदया जगा रही है जी…!

बिहार के बाद यूपी के देवरिया शेल्टर होम की मासूम बालिकाओं के साथ दुष्कर्म की घिनौनी घटनाएँ जिस तरह से सामने आ रही है उसमे सरकार, प्रशासन और कई अफसर भी शामिल हो शकते है। देवरिया की बालिका गृह की वैधता समाप्त होने के बावजूद यह अवैध रूप से कैसे चल रहा है यह कहने की जरुरत नहीं। बिहार के सीएम नितिशकुमार ने तो सार्वजनिक मंच कहा की उनकी सरकार ऐसी घटना से शर्मसार हुई है। अब देखना ये है की देवरिया बालिका गृह की घटना के लिए यूपी के सीएम योगीजी शर्मसार होते है या नहीं।

केन्द्रीय मंत्री मेनका गाँधी ने इन घटनाओं की कड़ी आलोचना के साथ सभी सांसदों की भी खिंचाई की। उन्हों ने कह की उनके मंत्रालय ने सभी सांसदों को बार बार पत्र लिख कर कहा था की उनके निर्वाचन क्षेत्र में शेल्टर होम, बालिका गृह या जो भी अनाथालय आदि है उनकी नियमित रूप से मुलाकातें ले। जांच करे और मंत्रालय को चिठ्ठी लिखे। लेकिन पिछले दो साल में एक भी ऐसा पत्र नहीं मिला। देवरिया और मुजफ्फरपुर के जिन सांसदों के विस्तार में यह शेल्टर होम आदि। है तो उन्हों ने मंत्री महोदया क कहने से उनकी कभी मुलाकात ली? कभी उन मासूम,अनाथ ,लाचार बालिकाओ से पूछा की उन्हें कोई परेशानी तो नहीं? मेनका गाँधी ने जो दुःख जताया जन प्रतिनिधियो पर, वह सही है। क्योंकि उनकी लापरवाही से ही ऐसी घटनाये होती है।

आखिर एक जन प्रतिनिधि का बुनियादी काम क्या होता है? अपने निर्वाचन क्षेत्र का छोटे बच्चे की तरह लालनपालन करना, उनकी परेशानिया दूर करना। उन्हें मालूमात होता ही है की उनके निर्वाचन क्षेत्र में क्या चल रहा है। और यदि पता नहीं तो उन्हें जन प्रतिनिधि कहलाने का कोई हक्क नहीं बनता। एक जिम्मेवार मंत्री महोदया बार बार सभी सांसदों को याद् दिला रही है, पत्र लिख रही है की जहा अनाथ बच्चियां रहती है उन शेल्टर होम का दौरा करे। लेकिन दो साल में किसी भी माई के लाल ने मंत्रालय को एक भी पत्र नहीं लिखा। लिखे तो भी कैसे?

दौरा किया हो तब न ? ऐसे जन प्रतिनिधि के बारे में क्या कहा जाय? इन बालिकाओ को न्याय मिले इतना तो कम से कम ये जन प्रतिनिधि कर शकते है या नहीं?

जिसे समाज ने ठुकरा दिया, जिसका माईबाप सिर्फ सरकार और प्रशासन ही है ऐसी गरीब-अनाथ बालिकाओ का यौन शोषण करना, मना करने पर उन्हें मारना पीटना इससे बड़ा अपराध कोई और नहीं हो शकता। सरकार शर्मसार है इतना कहने से सरकार की जिम्मेवारी कम नहीं होती। यूपी और बिहार की सरकारे इस रेप काण्ड में जो भी दोषित हो उन्हें जल्द से जल्द कठोर सजा मिले ऐसा काम करेंगे तो ही उनकी सरकारों की धूमिल छबि साफ़ होंगी।

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