राजनीति

जस्टिस जोसेफ बनेंगे SC के जज, सरकार ने कोलेजियम के फैसले को दी मंजूरी

नई दिल्ली: 10 जनवरी 2018 को CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की कोलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने का सुझाव दिया था। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने सिर्फ वरिष्ठ वकील इंदू मल्होत्रा के जज बनने को अपनी मंजूरी दी थी और जस्टिस जोसेफ की फाइल कोलेजियम को लौटा दी थी।

इसके बाद मोदी सरकार पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन अब कोलेजियम की सिफारिश को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकार और न्यायपालिका के बीच लंबे समय से जारी तनातनी भी समाप्त हो गयी है। सरकार ने इसके साथ ही मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और ओडिशा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति विनीत सरन को भी पदोन्नति देकर शीर्ष अदालत भेजने की सिफारिश को मंजूरी दे दी।

जस्टिस केएम जोसेफ वही जज हैं जिन्‍होंने साल 2016 में उत्‍तराखंड में हरीश रावत की सरकार के दौरान राष्‍ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को अमान्‍य घोषित कर दिया था। जस्टिस जोसेफ ने अपने फैसले में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने के केंद्र सरकार के निर्णय को गलत करार दिया था। जिसके बाद से ही केंद्र की भाजपा सरकार उनसे नाराज बताई जा रही थी। इससे पहले आंध्र प्रदेश में जस्टिस केएम जोसेफ के ट्रांसफर के लिए कोलेजियम की सिफारिश को सरकार ने रद्द कर दिया था।

देश भर में उच्च न्यायालयों में सेवारत चीफ जस्टिस और जजों की वरिष्ठता सूची में जस्टिस जोसफ काफी नीचे आते हैं। यानी लगभग तीन दर्जन जज उनसे वरिष्ठ हैं। कहा जा रहा था कि क्षेत्रीय या राज्यवार संतुलन को देखते हुए भी सरकार ने जस्टिस जोसफ को सुप्रीम कोर्ट न भेजने का फैसला किया था। लेकिन अब सरकार ने अपना इरादा बदल दिया है।

Tags
Show More

Related Articles

Close
Close