राजनीति

गठबंधन हुआ तो भाजपा के बाद यूपी में दूसरी बड़ी पार्टी होगी बसपा

लखनऊ। यूपी में भाजपा के खिलाफ गठबंधन की कवायद तेज हो चुकी है। बसपा स्वाभिमान की बाॅत कर सबसे अधिक यानि आधी सीटों के बाद ही इस गठबंधन में शामिल होगी। अगर ऐसा हुआ तो उत्तर प्रदेश में भाजपा के बाद बसपा दूसरी बड़ी पार्टी बनकर सामने आएगी, जबकि समाजवादी तीसरे और कांग्रेस का चैथा नम्बर होगा।

राजनैतिक जगत में यह चर्चा चल रही है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का विजय रथ रोकने के लिए सपा-बसपा के गठबंधन में कांग्रेस व रालोद भी शामिल हो सकते हैं। महागठबंधन सभी सीटों पर भाजपा के खिलाफ साझा प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। जानकारों की मानें तो कांग्रेस व रालोद को भी गठबंधन में शामिल करने पर सहमति बन गई है। अलबत्ता सीटों पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।सूत्र बताते हैं कि तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व बसपा के बीच समझौते को लेकर पेंच फंसा हुआ है।

यही वजह है कि यूपी में लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर बात आगे नहीं बढ़ पा रही है।बसपा लगभग 40 सीटों पर दावा कर रही है। ऐसे में सपा को अपने खाते से सीटें कांग्रेस व रालोद को बांटनी पड़ सकती हैं। सपा अगर 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारती है तो उसे 10 सीटें कांग्रेस व रालोद को देनी पड़ सकती हैं। देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस व रालोद बसपा-सपा की शर्तों पर गठबंधन में शामिल होने को तैयार होते हैं या नहीं?सूत्रों की मानें तो महागठबंधन में कांग्रेस को आठ सीटें देने की बात है

जबकि रालोद को सपा अपने कोटे से तीन सीट दे सकती है। लोकसभा सीटों के लिहाज से यूपी सबसे बड़ा राज्य है। 2014 के चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए को 73 सीटें मिली थीं, इसलिए सपा-बसपा अब किसी भी तरह भाजपा के लिए चुनौती खड़ी करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहते।गठबंधन गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा उपचुनाव में मिली जीत से भी उत्साहित है और लोकसभा चुनाव में भी इस सिलसिले को बकरार रखना चाहता है। सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने गठबंधन व सीटों के बंटवारे के लिए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को अधिकृत कर दिया है।सूत्रों का कहना है कि जल्द ही वह बसपा प्रमुख मायावती के अलावा कांग्रेस व रालोद के शीर्ष नेताओं से सीटों के बंटवारे पर बातचीत कर सकते हैं।

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