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गरीब और कमजोर की आवाज थे सोमनाथ चटर्जी : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वो 89 वर्ष के थे। पिछले कई दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। 10 अगस्त को गुर्दे की बीमारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

इसके बाद उन्हें वेटिलेटर पर रखा गया था। सोमनाथ चटर्जी दस बार लोकसभा सदस्य चुने गए। 2004 से 2009 तक यूपीए-1 सरकार में वो लोकसभा के अध्यक्ष रहे थे। सोमनाथ चटर्जी की मौत पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित देश के सभी बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि चटर्जी ने भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध बनाया था।

प्रधानमंत्री ने चटर्जी को भारतीय राजनीति का कद्दावर नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध बनाया और वह गरीब तथा कमजोर तबके के कल्याण के लिए एक मुखर आवाज थे।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘मैं उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार तथा समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक जताया। राष्ट्रपति ने कहा- ‘लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष और एक अनुभवी सांसद जिसकी सदन में एक सशक्त उपस्थिति थी, श्री सोमनाथ चटर्जी के निधन का दुख है। उनके परिवार और असंख्य शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदना है।

सोमनाथ चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को बंगाली ब्राह्मण निर्मल चंद्र चटर्जी और वीणापाणि देवी के घर में असम के तेजपुर में हुआ था। उनके पिता एक प्रतिष्ठित वकील और राष्ट्रवादी हिंदू जागृति के समर्थक थे। यही नहीं सोमनाथ चटर्जी के पिता अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थापकों में से एक थे।

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