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लेफ्टिनेंट मुकुंद नरवाने होंगे नए सेना प्रमुख


लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने (Lt Gen Manoj Mukund Naravane) भारतीय सेना के अगले बनने जा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने वर्तमान में सेना के उप प्रमुख के रूप में सेवारत हैं। बता दें की 31 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत सेवानिवृत्त होंगे, जिसके बाद सेना की कमान लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे के पास होगी।

बता दें कि इसी साल सितंबर महीने में ही उन्होंने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने सेना की पूर्वी कमान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सेना की पूर्वी कमान भारत की चीन के साथ लगी लगभग 4,000 किलोमीटर की सीमा की देखभाल करती है।

जनरल मनोज मुकुंद नरवाने के अब तक का करियर

 

  • नरवाणे ने अपनी स्कूली शिक्षा पुणे के जनाना प्रबोधिनी प्रशाला से पूरी की।
  • नरवाणे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र हैं।
  • उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई से रक्षा अध्ययन में मास्टर डिग्री और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से रक्षा और प्रबंधन में एमफिल की डिग्री हासिल की है।
  • नरवाणे ने 1 दिसंबर 2017 से 30 सितंबर 2018 तक जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, आर्मी ट्रेनिंग कमांड के रूप में कार्य किया।
  • उनके पास कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशंस का काफी अनुभव है।
  • उन्होंने जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और इन्फेंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली है।
  • नरवाणे  श्रीलंका में शांति मिशन दल का भी हिस्सा रह चुके हैं
  • वह म्यामांर में भारतीय दूतावास में तीन साल तक भारत के रक्षा अताशे रहे हैं।
  • नरवाणे साल 2017 में गणतंत्र दिवस परेड के कमांडर भी थे।
  • उन्हें जून, 1980 में सिख लाइट इन्फेंट्री रेजीमेंट की सातवीं बटालियन में कमीशन मिला था।
  • सेना की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक उनके पास सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने लंबा अनुभव है।
  • उन्हें जम्मू कश्मीर में अपनी बटालियन की कमान प्रभावी तरीके से संभालने को लेकर सेना पदक मिल चुका है
  • उन्हें नगालैंड में असम राइफल्स (उत्तरी) के महानिरीक्षक के तौर पर उल्लेखनीय सेवा को लेकर ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ मिला है।
  • नरवाणे को प्रतिष्ठित स्ट्राइक कोर की कमान संभालने को लेकर ‘अतिविशिष्ट सेवा मेडल’ से भी नवाजा जा चुका है।
  • उन्हें ‘परम विशिष्ट सेवा मेडल’ से भी सम्मानित किया गया है।