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कारगिल के ‘बहादुर’ मिग-27 की वायुसेना से ‘विदाई’ आज

एक समय भारतीय वायुसेना की ताकत रहे मिग- 27 लड़ाकू विमान आखिर रिटायर हो गया है। कारगिल युद्ध के दौरान इसी विमान ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। करीब 38 साल पहले जोधपुर एयरबेस से लड़ाकू विमान मिग-27 का सफर शुरू हुआ था और अब आसमान में पराक्रम दिखाने वाले इस लड़ाकू विमान की विदाई हो गई है। राजस्थान के जोधपुर में मिग-27 स्क्वाड्रन के सभी 7 विमानों ने आखिरी उड़ान भरी। इसी के साथ मिग की इकलौती स्क्वाड्रन-29 स्कॉर्पियो वायुसेना से फेजआउट यानी बाहर हो गई। मिग-27 करगिल युद्ध के दौरान भी शामिल हुआ था

बता दें कि मिग-27 रूसी मूल का लड़ाकू विमान है। सोवियत संघ के मिकोयना-गुरविच ब्यूरो द्वारा इसका डिजाइन और निर्माण दोनों किया गया था। यह उस दौर का बेहतरीन लड़ाकू विमान था। बाद में लाइसेंस पर भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा इसका निर्माण किया गया और मिग-27 के भारतीय वर्जन को ‘बहादुर’ नाम दिया गया। एचएएल ने 167 मिग-27 को बनाया था जिनमें से 86 का अपग्रेडेशन किया गया था। इसे 1980 के दशक में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।

इस फाइटर जेट को हवा से जमीन पर हमला करने का बेहतरीन विमान माना जाता रहा है। इनके फेजआउट होने के बाद वायुसेना के पास मिग श्रेणी के सिर्फ मिग-21 बायसन विमान ही रह जाएंगे। वायुसेना में मिग-27 को ‘बहादुर’ नाम से बुलाया जाता है।

 

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