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JNU हिंसा: 37 की पहचान, व्हाट्सएप ग्रुप ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ के हैं सदस्य


दिल्ली पुलिस ने जेएनयू कैंपस में बीते रविवार को हुई हिंसा मामले में आइशी घोष समेत नौ आरोपी छात्रों की पहचान की बात शुक्रवार को पुलिस ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में की। इसके एक दिन बाद शनिवार को 37 और लोगों की पहचान का दावा किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से खबर है कि रविवार के ही दिन बने व्हाट्सएप ग्रुप ‘यूनिटी अंगेस्ट लेफ्ट’ के 60 सदस्यों में से 37 की पहचान कर ली गई है। इसके साथ ही ये भी सामने आया है कि रविवार की हिंसा में करीब 10 लोग बाहर से आए थे।

इसके अलावा सात छात्र वामपंथी संगठनों और दो एबीवीपी से जुड़े हैं। पुलिस ने सबूत के तौर पर इनकी फोटो जारी की है, जिसमें आरोपी डंडे और पत्थर लिए हैं। हालांकि, अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया लेकिन जल्द ही पूछताछ का नोटिस भेजा जाएगा। मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख डॉक्टर जॉय टिर्की ने शुक्रवार शाम बताया, आरोपी छात्रों की पहचान हिंसा के समय बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप से हुई है। हालांकि, कैंपस में घुसकर मारपीट करने वाले नकाबपोशों की पहचान अभी बाकी है।

टिर्की ने बताया, सर्वर खराब करने की वजह से कैंपस के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान हुई। जांच टीम ने 30 से 32 गवाहों से पूछताछ की। हालांकि वीडियो इनमें से किसी ने नहीं बनाया।

व्हाट्सएप ग्रुप में 60 लोग जुड़े

जॉय टिर्की ने बताया कि कैंपस में हिंसा के समय कुछ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। रविवार शाम सात बजे ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ नाम से ग्रुप बनाया गया। इसमें करीब 60 सदस्य थे और योगेंद्र भारद्वाज इसका एडमिन है। उन्‍होंने बताया, जेएनयू हिंसा मामले में तीन एफआईआर हुई हैं। हिंसा में चार छात्र संगठनों स्टूडेंट ऑफ इंडिया (एफएसआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) के नाम सामने आए हैं। इनसे जुड़े लोग ही छात्रसंघ पदाधिकारी हैं।