देशराजनीतिलोकसभा 2019 चुनाव

आज शाम तक लग सकती है आचार संहिता, जानें इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं

आज रविवार शाम 5 बजे तक लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है और इसके साथ ही चुनाव आचार संहिता भी लागू कर दी जाएगी

नई दिल्ली: आज रविवार शाम 5 बजे तक लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है और इसके साथ ही चुनाव आचार संहिता भी लागू कर दी जाएगी। सत्तारुढ़ दलों के लिए चुनाव आचार संहिता रास्ते का एक काँटा होता है क्योंकि इसके लागू होने के बाद कोई भी दल मददाताओं को लुभाने के लिए खोखली और बेबुनियादी घोषणा नहीं कर सकता।

आइये जानते है क्या होती है चुनाव आचार संहिता:

चुनाव आचार संहिता चुनाव आयोग के द्वारा बनाए गए वो नियम हैं जिनका पालन करना हर पार्टी और हर उम्मीदवार के लिए जरूरी होता है. इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा के भी प्रावधान हैं. अगर किसी उम्मीदवार द्वारा इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है, एफआईआर हो सकती है और उम्मीदवार को जेल तक जाना पड़ सकता है.

चुनाव के दौरान कोई भी मंत्री सरकारी दौरे को चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता। सरकारी संसाधनों का किसी भी तरह चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यहां तक कि किसी भी सत्ताधारी नेता द्वारा सरकारी वाहनों और भवनों का चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

किसी भी प्रदेश सरकार या केंद्र सरकार द्वारा न तो कोई घोषणा की जा सकती है, न शिलान्यास, न लोकार्पण और ना ही भूमिपूजन किया जा सकता है. सरकारी खर्च से ऐसे किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी जाती जिससे किसी भी दल विशेष को फायदा पहुंचता हो.

हर उम्मीदवार और पार्टी को जुलूस निकालने या रैली और बैठक करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी पड़ती है और इस बात की जानकारी के साथ-साथ सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को निकटतम थाने में देनी होती है.

कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसा काम नहीं कर सकती, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या नफरत का माहौल बने.

किसी भी पार्टी के उम्मीदवार द्वारा यदि मत पाने के लिए रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना या किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी करना पाया जाता है तो इस पर चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है.

किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार या भूमि का उपयोग नहीं किया जा सकता। मतदान के दिन मतदान केंद्र से सौ मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी जाती है और मतदान से एक दिन पहले किसी भी बैठक की अनुमति नहीं दी जाती है.

Tags
Show More

Related Articles

Close
Close