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अनुच्छेद 35ए पर सुनवाई स्थगित होना कोई हल नहीं : महबूबा

श्रीनगर : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्षा और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि अनुच्छेद 35ए पर सुनवाई स्थगित होना कोई हल नहीं है। इस मुद्दे पर सर्वाेच्च न्यायालय की सुनवाई को लेकर लोगों में घबराहट और उत्तेजना का माहौल बना हुआ है। महबूबा ने यह प्रतिक्रिया धारा 35ए के मुद्दे पर सोमवार को सर्वाेच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई 27 अगस्त तक स्थगित होने पर व्यक्त की है।

न्होंने अपनी राय व्यक्त करने के लिए ट्वीटर का सहारा लिया। उन्होंने लिखा है कि इस मामले की सुनवाई टल गई है, लेकिन यह धारा 35ए पर जारी विवाद का समाधान नहीं है। सुनवाई स्थगित होने से राज्य के लोगों को सिर्फ अंतरिम राहत मिली है। इसके अस्तित्व पर असमंजस की स्थिति से लोगों में डर व उत्तेजना बढ़ती जा रही है।

वहीं दूसरी और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 35ए के समर्थन में खड़े लोग स्वीकारते हैं कि रियासत का भविष्य भारतीय संविधान में ही सुरक्षित है। उमर अब्दुल्ला ने बिना नाम लिए अलगाववादी खेमे की तरफ संकेत करते हुए टवीटर पर लिखा कि 35ए का संरक्षण करना, एक तरह से उस तथ्य की स्वीकारोक्ति है कि जम्मू कश्मीर का भविष्य भारतीय संविधान में ही नीहित है। अन्यथा इसके समाप्त होने या इसमें किसी तरह के बदलाव से कोई फर्क क्यों पड़ता।

एक अन्य टवीट में उमर ने लिखा है कि समूचा कश्मीर भारतीय संविधान के एक प्रावधान को बचाने के लिए बंद है। इससे पूर्व कभी भी इस तरह का बंद नहीं हुआ था, 35ए पर हुआ है। कश्मीर की आजादी का नारा देने वाला अलगाववादी खेमा 35ए के संरक्षण को लेकर सबसे ज्यादा शोर मचा रहा है। उसने इस मुद्दे पर कश्मीर में दो दिवसीय बंद का आयोजन किया है।

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