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आगरा में बाढ़ का खतरा, अलर्ट जारी

आगरा। लगातार बारिश के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। खतरे का निशान 495 फुट पर है। इस समय यमुना का जलस्तर 491.3 फुट पर है। एक फुट पानी बढ़ते ही यमुना किनारे रहने वाले लोगों के लिए खतरा हो जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन सतर्क है। निचले इलाके खाली कराए जाने का काम शुरू हो गया है। यमुना में 1978 में बाढ़ आई थी। तब भारी तबाही मची थी।

यमुना किनारे बसी कॉलोनी तनिष्क राजश्री में पानी कभी भी भर सकता है। जिला प्रशासन ने इस कॉलोनी में मुनादी करा दी है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में दायर की गई याचिका में इस कॉलोनी का भी नाम है। यह इलाका डूब क्षेत्र में आता है। इसके अलावा सिकंदरपुर, मऊ, नगला तल्फी, बसई, कछपुरा, गढ़ी चांदनी, गढ़ी बांस, करमना गांव, बुढ़ाना गांव, एत्मादपुर मदरा गांव, समोगर गांव, सरगन खेड़ा में बाढ़ का खतरा है। पानी अधिक बढ़ा तो यमुना किनारा, बेलनगंज वाला इलाका चपेट में आएगा।

ताजे वाला बांध (हथिनी कुंड), ओखला बांध और गोकुल बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को गोकुल बैराज से 45011 क्यूसेक, ओखला बैराज से 64189 क्यूसेक और ताजेवाला बैराज से 32342 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उधर, लगातार बारिश हो रही है। इसका पानी भी यमुना में जा रहा है। इसके चलते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अगर बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने का क्रम यूं ही जारी रहा तो बाढ़ तय है।

इस बीच यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर महापौर नवीन जैन ने पार्षदों संग बल्केश्वर स्थित यमुना घाट का जायजा लिया। साथ ही यमुना के बढ़ते जलस्तर की भी जानकारी ली। क्षेत्रीय लोगों ने महापौर नवीन जैन को बताया कि यमुना का जलस्तर पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गया है। पहले यमुना में पानी ना के बराबर था लेकिन यमुना अपने पुराने स्वरूप में लौट आई है। इसके जलस्तर बढ़ने से शहर में बाढ़ के आने की आशंका होने लगी है। महापौर नवीन जैन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की कि वह यमुना किनारे को छोड़कर कुछ दिनों के लिए कहीं और जाकर रहने लगें, क्योंकि जिला प्रशासन ने मथुरा से लगातार जलस्तर छोड़े जाने की बात कही है।

यमुना खतरे के निशान पर आ चुकी है। महापौर नवीन जैन ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में मथुरा और दिल्ली से यमुना से और पानी जल्द छोड़ा जाएगा। महापौर का कहना था कि जिला प्रशासन से चेतावनी मिलने के बाद नगर निगम भी किसी भी आपदा से निपटने को तैयार हो चुका है। महापौर नवीन जैन ने जलसंस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर यमुना नदी में बाढ़ के हालात बनते हैं तो यमुना किनारे कॉलोनी में बसे जनता तक हर हाल में पहले ही सूचना पहुंच जानी चाहिए, ताकि लोगों किसी भी खतरे में न पड़ते हुए सपरिवार किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें। जुलाई के अंतिम दिन मौसम ने फिर पलटा खाया। रात्रि डेढ़ बजे से शुरू हुई बारिश अभी तक चल रही है। इसके चलते एक बार फिर जलभराव हो गया है। घरों में पानी घुस रहा है।

आगरा विकास प्राधिकरण की कॉलोनी शास्त्रीपुरम की सड़कें तो नदी-नाला बन गई हैं। चर्च रोड, सूरसदन तिराहा, रामनगर, बिजलीघर, अर्जुन नगर, खेरिया मोड़, एमजी रोड, भगत हलवाई, नुनिहाई, सिकंदरा, आवास विकास, कॉलोनी, ताजगंज, शास्त्रीपुरम, सिकंदरा, अलबतिया, केदारनगर, मानस नगर, बालाजीपुरम, दीवानी न्यायालय, उखर्रा, चांदनी चैक (कमलानगर), बल्केश्वर, राजामंडी रेलवे स्टेशन, ट्रांसपोर्ट नगर, आईएसबीटी, ईदगाह बस अड्डा, मीरा विहार (उखर्रा), एकलव्य स्टेडियम, राजा की मंडी रेलवे स्टेशन, एसएन मेडिकल कॉलेज से जलभराव की सूचना आई है।

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