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गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा पर संग्राम, नड्डा ने दिया जवाब

 

 गृह मंत्रालय की ओर से एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी बुधवार को संसद पहुंचीं। राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि नेताओं की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि खतरों को देखते हुए चारों नेताओं की एसपीजी सुरक्षा बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और उसे दलगत भावना से उठकर काम करना चाहिए।

इस पर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि इस फैसले में कोई राजनीति नहीं है और उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। नड्डा ने कहा कि गृह मंत्रालय में एक तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल है और उसी के तहत फैसला किया जाता है। वहीं, भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि ऐसे फैसले गृह मंत्रालय की एक विशेष समिति खतरों की आशंका पर गौर करते हुए करती है। उन्होंने कहा कि लोगों को लिट्टे से खतरा था लेकिन अब लिट्टे समाप्त हो गया है।

सुब्रमण्‍यम स्वामी ने कहा कि इसके अलावा जिनकी सुरक्षा की बात की जा रही है, उन्होंने खुद ही राजीव गांधी के हत्यारों की सजा कम किए जाने की अपील की और जेल में जाकर मुलाकात तक की। हालांकि, सभापति एम वेंकैया नायडू ने स्वामी को टोकते हुए राजीव गांधी के हत्यारों से जुड़े मुद्दे को इस विषय में नहीं उठाने को कहा।

गांधी परिवार को दी गई है जेड-प्‍लस सुरक्षा

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय द्वारा समीक्षा के बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा से भी एसपीजी कवर हटा लिया गया है। इन नेताओं को सीआरपीएफ की जेड-प्लस सुरक्षा दी गई है। सीआरपीएफ के मुताबिक, गांधी परिवार को एडवांस सिक्यॉरिटी लायजन (एएसएल) प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा दी गई है। सीआरपीएफ इसके लिए नई बटालियन बनाएगी।

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