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जानें Bois Locker Room का पूरा सच


नई दिल्ली। इंस्टाग्राम पर बनाए गए बॉयज लॉकर रूप का मामला अब तूल पड़क रहा है। इस मामले में एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। इस ग्रुप में शामिल किशोर बच्चे लड़कियों के बारे में अश्लील और आपत्तिजनक बातें करते थे। इस मामले में दिल्‍ली पुलिस की जांच जारी है। पुलिस इस मामले में मंगलवार को साउथ दिल्‍ली के स्कूलों में पढ़ने वाले कई छात्रों से पूछताछ की है और उनके फ़ोन भी जब्त किए है।

इन छात्रों ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें ग्रुप में जोड़ा गया था और ग्रुप के बारे में उन्‍हें ज्‍यादा कुछ मालूम नहीं है। जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि ग्रुप में कुछ मेम्बर बालिग हैं। उनकी पहचान कर ली गई है। वहीं इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में तक पहुंचाने के लिए तीन वकीलों ने चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली महिला आयोग की शिकायत पर पुलिस ने IT एक्ट/IPC की धाराओं में FIR दर्ज की।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मार्च के आखिरी हफ्ते में ये ग्रुप बनाया गया था। वहीं दिल्ली के जिन स्कूलों के स्टूडेंट्स इस ग्रुप में जुड़े पाए गए, उनमें से एक के प्रिंसिपल से बात की गई। उनका कहना है, ये पता चला है कि उस ग्रुप के कुछ लड़के हमारे स्कूल के हैं। जिस वक्त हमें इसके बारे में पता चला, पुलिस तक शिकायत पहुंच चुकी थी। हमें खुद को हैरानी हुई। क्योंकि हमारे स्कूल में ऐसा माहौल है, जिसमें हम जेंडर से जुड़े मुद्दों और उनकी रिस्पेक्ट करने की बात करते हैं। साइबर क्राइम के बारे में भी बात होती है। हमने इस पर कई वर्कशॉप्स भी की थीं। स्कूल के साथ-साथ मुझे लगता है कि पैरेंट्स का भी उनके बच्चों की ज़िंदगी में थोड़ा भागीदार होना जरूरी है।

क्या हैं ‘बॉयज़ लॉकर रूम’

इस ग्रूप से जुड़े छात्र लड़कियों की तस्वीरे शेयर करके उसपर अश्लील टिप्पणी करते थे। लड़कियों शारीरिक बनावट कैसी है? कैसी दिखती हैं? शरीर का कौन-सा हिस्सा कैसा है? इन सब पर बातें करते थे। ग्रूप में इन लड़कियों का यौन शोषण, रेप करने की बातें भी होती थीं। इस ग्रुप में शामिल लड़कों की उम्र भी ज्यादा नहीं है। ज्यादातर तो स्कूल में पढ़ते हैं। यानी 17-18 साल के ये सभी लड़के हैं। यह ग्रूप तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर इस ग्रुप चैट के कुछ स्क्रीनशॉट सामने आए । कुछ इंस्टाग्राम यूज़र्स ने ही, खासतौर पर लड़कियों ने स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर डाले।

दिल्ली महिला आयोग का बयान

इस प्रकरण के सामने आने के बाद दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह एक आपराधिक और दुष्कर्म मानसिकता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘हम इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर रहे हैं। इस ग्रुप के सभी लड़कों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

साइबर अपराध के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनीश रॉय ने बताया, ‘हमने इंस्टाग्राम से उक्त समूह के सदस्यों और एडमिन का विवरण साझा करने के लिए कहा है, जिसमें उनके नाम, आईपी एड्रेस आदि शामिल हैं।