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शीतकालीन सत्र: कश्मीर की स्थिति पर कांग्रेस को शाह का जवाब


 

जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को  राज्यसभा में यहां की स्थिति की जानकारी दी। सासंदों के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि घाटी में स्थिति सामान्य है और किसी भी हिस्से में कर्फ्यू जैसे हालात नहीं हैं।

राज्‍यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सवाल किया कि आज के जमाने में इंटरनेट और स्वास्थ्य की जरूरत ज्यादा है। पड़ोसी देश 1947 से है, हम भी सीएम रहे हैं कुछ ही दिनों के लिए इंटरनेट बंद रहता था लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि साढ़े तीन महीने तक इंटरनेट बंद कर दिया जाए। कांग्रेस नेता के इस सवाल का जब अमित शाह जवाब देने लगे तो गुलाम नबी आजाद ने आंकड़ों को लेकर टोका-टिप्पणी की।

शाह ने गुलाम नबी आजाद को किया चैलेंज

इस पर पलटवार करते हुए गृहमंत्री शाह ने कहा कि अगर गुलाम नबी आजाद इन आंकड़ों को चैलेंज करते हैं तो मैं जिम्मेदारी के साथ बोलता हूं कि सारी जिम्मेदारी मेरी है। आप रिकॉर्ड पर कहिए कि ये आंकड़ा गलत है। इस मसले पर मैं घंटों की चर्चा के लिए भी तैयार हूं। अमित शाह ने गुलाम नबी आजाद को लेकर राज्यसभा के सभापति वेकैया नायडू को संबोधित करते हुए कहा कि मैं नहीं चाहता था कि इतिहास में जाऊं लेकिन वो (गुलाम नबी आजाद) मुझे घसीट कर ले जा रहे हैं, अब उन्होंने कहा तो मुझे जवाब देना होगा। अब अगर वो नहीं रुके तो आप (उपराष्ट्रपति) मुझे नहीं रोक सकते, उनको सहा अब मुझे भी सहन कर लीजिए।

अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद पुलिस की गोली से एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा उपयुक्त स्थिति पाए जाने के बाद वहां जल्द ही इंटरनेट सेवा बहाल कर दी जाएगी।

पुलिस की गोलीबारी में नहीं गई एक भी व्यक्ति की जान

पूरक प्रश्नों के जवाब में शाह ने कहा कि वहां स्थिति हमेशा से ही सामान्य है। दुनिया भर में कई तरह की बातें चल रही हैं। वहां स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पांच अगस्त के बाद पुलिस की गोलीबारी में एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई। हालांकि, कई लोगों को आशंका थी कि वहां खूनखराबा होगा तथा लोगों की जान जा सकती है। उन्‍होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी समाचार पत्रों का प्रकाशन हो रहा है और टीवी चैनल काम कर रहे हैं तथा अखबारों के वितरण में कोई कमी नहीं आई है।