राजनीतिलोकसभा 2019 चुनाव

सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, मोदी के लिए कही ये बड़ी बात

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को तीनों सेनाओं के 8 पूर्व प्रमुखों सहित 150 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सेना के राजनीतिकरण के ख़िलाफ़ चिट्ठी लिखी है

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को तीनों सेनाओं के 8 पूर्व प्रमुखों सहित 150 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सेना के राजनीतिकरण के ख़िलाफ़ चिट्ठी लिखी है. 2019 के इस लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार अपनी रैलियों में कहीं एयर स्ट्राइक तो कहीं सेना की बात कर रही है. मोदी सरकार पर विपक्ष भी काफी समय से आरोप लगा रहा था कि मोदी सरकार सेना का राजनीतिकरण कर रही है. और इसी बात के खिलाफ आज सेना के पूर्व सैन्य अधिकारियो ने आवाज़ उठाई है.

11 अप्रैल को सार्वजनिक हुई इस चिट्ठी में ये शिकायत की गई है कि सत्ताधारी दल सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सेना के ऑपरेशन का श्रेय ले रही है। साथ ही सेना को मोदी जी की सेना के तौर पर बताया जा रहा है. राष्ट्रपति को लिखी गई इस चिट्ठी में अनुरोध किया गया है कि राजनीतिक दल सेना का राजनीतिक इस्तेमाल न करें। दरअसल, महाराष्ट्र के लातूर में अपनी रैली में पीएम मोदी ने पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से कहा कि ‘वे अपने मत उन बहादुर लोगों को समर्पित करें, जिन्होंने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले को अंजाम दिया। पीएम के इस बयान पर सैन्य अधिकारियों ने ऐसा कदम उठाया।

पीएम नरेंद्र मोदी के उस बयान का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी है. सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव आयोग से पीएम मोदी के ऐसे भाषण पर रिपोर्ट तलब किया है. महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने चुनाव आयोग को बताया है कि पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से बालाकोट हवाई हमले के नाम पर अपना वोट डालने की अपील वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी प्रथम दृष्टया इसके उन आदेशों का उल्लंघन है जिसमें उसने अपने प्रचार अभियान में राजनीतिक दलों से सशस्त्र बलों के नाम का इस्तेमाल नहीं करने को कहा था. मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी निर्वाचन आयोग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.

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