जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आईं 10 साल की सिंधूरी, जन्म से नहीं है एक हाथ


देश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के बीच कई लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहें है. कोरोनाकाल में मास्क ही महामारी का एकमात्र बचाव का जरिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जबतक कोरना की दवाई नहीं बन जाती, तबतक मास्क पहने और सोशल डिसटेंसिंग का पूर्ण रूप से पालन करें.


जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आईं 10 साल की सिंधूरी, जन्म से नहीं है एक हाथ

जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आईं 10 साल की सिंधूरी, जन्म से नहीं है एक हाथ


बेंगलुरु : देश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के बीच कई लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहें है. कोरोनाकाल में मास्क ही महामारी का एकमात्र बचाव का जरिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जबतक कोरना की दवाई नहीं बन जाती, तबतक मास्क पहने और सोशल डिसटेंसिंग का पूर्ण रूप से पालन करें. ज़रुरतमंदों की मदद की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखने को मिलती रहती हैं जो लोगों का ध्यान उनकी ओर केंद्रित करती है. ऐसी ही एक तस्वीर इन्टरनेट पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें एक 10 साल की दिव्यांग बच्ची एक हाथ की सहायता से ज़रूरतमंदों को मास्क बांटने का काम कर रही है.

10वीं की परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को बांटे मास्क

कर्नाटक की उडुपी में रहने वाली सिंधूरी की मास्क बनाते हुए तस्वीर सोशल मिडिया पर लोगों के बीच खूब वायरल होने के साथ ही तारीफे बटोर रही है. बता दें कि 6 कक्षा में पढने वाली सिंधूरी ने राज्ये में 10वीं की परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को भी खुद से बनाए मास्क बाटें थे. बता दें सिंधूरी अपने एक हाथ न होने के बावजूद भी घर पर सिलाई मशीन की सहायता से मास्क बनाकर बांट रहीं है. वह कहती हैं कि उन्हें लोगों की मदद करना अच्छा लगता है. इस दौरान उन्होंने बताया कि वह 1 लाख मास्क बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर रहीं है.

मदद करने के जज्बे को सलाम कर रहें लोग

सिंधूरी के परिवारवालों ने बताया कि जन्म से ही उनके बांए हाथ की कोहनी के नीचे का हिस्सा नहीं था लेकिन अपनी इस कमी को उन्होंने कभी भी कमजोरी बनने नहीं दिया. सोशल मीडिया पर सिंधूरी की इन तस्वीरों को खूब पसंद किया जा रहा है, साथ ही लोग उनके मदद करने के जज्बे को भी सलाम कर रहें हैं.