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‘गुल गुलियां’ के लिए मनोज वाजपेयी को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

अभिनेता मनोज वायपेयी को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित अवॉर्ड शो में अपनी आगामी फिल्म ‘गली गुलियां’ यानी ‘इन द शैडोज’ के लिए बेस्ट एक्टर अवॉर्ड से नवाजा गया है। इस रेस में कई बड़े दिग्गज अभिनेता थे और अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों से भी कई स्टार थे। लेकिन मनोज वाजपेयी ने सभी स्टार्स को मात देते हुए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता। इस खुशी के मौके पर मनोज वाजपेयी ने ऑस्ट्रेलिया से टेलीफोन पर पत्रिका एंटरटेनमेंट से खास बातचीत करते हुए बताया, ‘मैं इस अवॉर्ड को पाकर बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा कि इस ज्यूरी में ज्यादातर विदेशी लोग थे। उन्होंने मेरे काम और मेरी तकनीक को सम्मान दिया है।

मैं इसे तह दिल से स्वीकार करता हूं। एक अच्छी बात ये है कि ‘गली गुलियां’ को अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर नाम और कई अवॉर्ड पाने के बाद अब जाकर यहां इंडियन फिल्म फेस्टिवल में जो सम्मान मिला है यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि और सम्मान की बात है। मेलबर्न में फिल्म ‘गली गुलियां’ के लिए अतंर्राष्ट्रीय अवॉर्ड पाने वाले अभिनेता मनोज वाजपेयी को पहले भी न्यूयॉर्क में भी एक अवॉर्ड मिला था। इतना ही नहीं इससे पहले भी उन्हें फिल्म ‘अलीगढ़’ के लिए अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड मिल चुका है।

मेलबर्न में फिल्म ‘गली गुलियां’ को भी अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड मिला है। मनोज वाजपेयी का कहना है कि पूरी दुनिया में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड उनके सबसे पसंदीदा शहर है। फिलहाल वह ऑस्ट्रेलिया में है। लेकिन वह जल्द ही भारत लौटेंगे। क्योंकि फिलहाल वह अपनी आगामी फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ के प्रमोशन में व्यस्त है। उन्होंने बताया कि मैं इस फिल्म में पुलिस ऑफिसर का किरदार प्ले कर रहा हूं जो मेरे पहले निभाए गए पुलिस ऑफिसर के किरदारों से बिल्कुल हटकर है। ‘गली गुलियां’ स्टार मनोज वाजपेयी ने कहा कि ‘गली गुलियां’ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाकर मेरी सबसे अच्छी फिल्मों ‘अलीगढ़’ और ‘बुधिया सिंह’ से भी आगे निकल गई है।

मुझे इसलिए भी सबसे ज्यादा खुशी है कि मेरे हिसाब से ये फिल्म मेरे कॅरियर की सबसे पंसदीदा फिल्म में से एक है। मुझे लगता है कि मैंने इस फिल्म से वो हासिल किया है जो एक अभिनेता के तौर पर मैंने अपने कॅरियर में पहले कभी हासिल नहीं किया। आगामी फिल्म ‘लव सोनिया’ में फजल का किरदार निभा रहे मनोज वाजपेयी ने अपने किरदार को लेकर बातचीत करते हुए कहा कि ‘लव सोनिया’ किसी भी एक्टर के लिए बहुत कठिन फिल्म है। मैंने इस फिल्म में फजल के किरदार को नेगेटिव किरदार में नहीं देखता। मैंने उनके किरदार को एक बिजनेसमैन की तरह देखा है। अगर एक बिजनेसमैन का बिजनेस चौपट हो जाए तो किस तरह स्ट्रगल करता है, मैंने फजल के किरदार को उस तौर पर देखा है।

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