देशबड़ी खबरब्रेकिंगब्लॉग

जलवायु परिवर्तन: एक गंभीर समस्या

अग्नि,वायु,जल,आकाश ,पृथ्वी इन पांच तत्वों से मिलकर बनी ये दुनिया जितनी खूबसूरत है उतनी ही विनाशकारी भी है। जहाँ ये पांच तत्व सृष्टि में संतुलन बनाये रखने का काम करते हैं वहीँ अगर इनमे से कोई भी एक तत्व असंतुलित हो जाए तो गंभीर समस्या का रूप ले लेता है। जी हाँ, हम बात कर रहे है इन पांच तत्वों में से एक महत्वपूर्ण तत्व वायु यानि हवा की। वायु जब शुद्ध होती है तो हमें सेहतमंद जीवन मिलता है लेकिन जब यही वायु दूषित हो जाये तो हमारा सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।

पर क्या वायु पहले से दूषित थी या अपने आप हो गयी? अब आप सभी सोच रहे होंगे कि ये कैसा सवाल है। भला वायु अपने आप कैसे दूषित हो सकती है, तो हम बता दें कि आप सब सही सोच रहे।

क्यों आया जलवायु में परिवर्तन?

जलवायु में परिवर्तन पहले भी होता आया है और आज भी हो रहा है बस फर्क इतना है कि पहले यह आम समस्या थी लेकिन अब ये गंभीर समस्या बन गयी है। इसका मुख्य कारण है कि दिन ब दिन इंडस्ट्रियल सेक्टर बढ़ते जा रहे हैं जिससे काफी मात्रा में गैस रिलीज़ हो रही है और सूर्य की ऊर्जा को पूरी तरह से अब्सॉर्ब कर रही हैं। इन्ही गैसों की वजह से आज वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा अधिक हो गई जो की हवा को और ज़हरीली बना रही हैं और हमारे स्वास्थ्य को हानि पहुंचा रही है। जलवायु की स्थितियों में यह परिवर्तन प्राकृतिक परिणाम तो है ही साथ में सबसे ज़्यादा मानव की गतिविधियों का परिणाम है।

इसका स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?

जलवायु में परिवर्तन होने से अनेक प्रकार की गर्मी से सम्बंधित बीमारियां जैसे संक्रामक रोग, कुपोषण,डाइयरिया, हैजा ,डेंगू ,चिकनगुनिया,मलेरिया समेत अन्य जानलेवा बीमारियां होती हैं।

इसके क्या बचाव हैं ?

सबसे पहले तो जलवायु परिवर्तन में सुधार के लिए हमें अपने जीवनशैली में बदलाव लाना होगा।
* जितना अधिक हो सके हमें पेड़ लगाना होगा।
*जंगलों को नष्ट होने से बचाना होगा।
*प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना होगा।
*प्रदूषण फ़ैलाने वाले वाहनों को भी कम करना होगा।

अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो आगे इसे रोक पाना और भी मुश्किल होगा जिसके परिणाम हम सभी जानते हैं।

BY- Shrishti Pandey

Tags
Show More

Related Articles

Close
Close