खेलबड़ी खबर

कोच के निधन पर सचिन ने नम आंखों से कही यह बात

महान बल्लेबाज और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने अपने कोच रमाकांत आचरेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया है

लखनऊ :  महान बल्लेबाज और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने अपने कोच रमाकांत आचरेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया है. साथ ही कहा कि आचरेकर सर की मौजूदगी से स्वर्ग में भी क्रिकेट समृद्ध होगा. आपको बता दें कि बुधवार को मुंबई में तेंदुलकर के कोच रहे रमाकांत आचरेकर का निधन हो गया. वो 87 वर्ष के थे. आचरेकर लंबे समय से बीमार चल रहे थे और 2013 में स्ट्रोक के बाद से वो चलने-फिरने में असमर्थ थे.

 

सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘दूसरे स्टूडेंट की तरह मैंने भी क्रिकेट की ABCD आचरेकर के मार्गदर्शन में ही सीखी. मेरे जीवन में उनके योगदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उन्होंने वह नींव रखी, जिस पर मैं खड़ा हूं.’ सचिन ने कहा, ‘मैं पिछले महीने आचरेकर और उनके कुछ छात्रों से मिला और उनके साथ समय बिताया. हमने पुरानी यादें साझा कीं और बहुत खुश हुए. मुझे आचरेकर सर ने सीधे बल्ले से खेलना और सादा जीवन जीना सिखाया. हमें अपने जीवन से जोड़ने और खेल के गुर सिखाने के लिए धन्यवाद.’ उन्होंने कहा, ‘आचरेकर आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे.’

मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित आचरेकर अकादमी में ही रमाकांत आचरेकर के मार्गदर्शन में सचिन ने क्रिकेट के गुर सीखे. सचिन तेंदुलकर के अलावा इस अकादमी से विनोद कांबली, प्रवीण आमरे, अजीत अगरकर और रमेश पोवार जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी निकले. कोच आचरेकर ने ही सचिन को 11 साल की उम्र में बांद्रा स्थित न्यू इंग्लिश हाई स्कूल से शारदाश्रम विद्या मंदिर स्कूल में जाने का सुझाव दिया, ताकि वो क्रिकेट को अधिक समय दे पाएं. उन्हें कोचिंग के लिए 1990 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार और 2010 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.

 

इसके अलावा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी आचरेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है. बीसीसीआई ने अपने ट्वीट में कहा, ‘आचरेकर ने सिर्फ देश को महान क्रिकेटर ही नहीं दिए, बल्कि उन्हें बेहतरीन इंसान भी बनाया. क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा.’

Tags
Show More

Related Articles

Close
Close