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जानिए क्यों इंदिरा गाँधी से मिलती-जुलती है महबूबा मुफ्ती की कहानी


जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पी.डी.पी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का आज ही के दिन यानि 22 मई साल 1959 को जम्मू-कश्मीर में जन्म हुआ। महबूबा मुफ्ती की कहानी इंदिरा गाँधी से मिलती-जुलती है। महबूबा ने राजनीति की तरफ ऐसा रुख किया कि खुद को पति से अलग कर दिया, पीछे पलट कर देखा ही नहीं और आगे बढ़कर मुकाम बनाती रहीं , इसके बाद अपने ही राज्य में एक ताकतवर नेता बनकर उस कुर्सी पर बैठी जहाँ घाटी में पहली बार कोई महिला पहुंची थी। राजनीति के सफर में मुफ्ती के सामने बहुत सारी चुनौतियां आई, लेकिन मुफ़्ती ने डटकर सामना किया , हालांकि गठबंधन के धागे टूट गए और अब फिर से सबकुछ परीक्षा लेने वाला है।

बता दें कि साल 1989 में मुफ्ती पहली बार चर्चा में आई जब इनकी छोटी बहन रुबैया सईद का किडनैप हो गया था , रुबैया श्रीनगर के एक हॉस्पिटल में मेडिकल इंटर्न थीं वहीँ पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद को वीपी सिंह सरकार में गृहमंत्री बने सिर्फ 5 दिन हुए थे। तब महबूबा ही मीडिया से लगातार मुखातिब हो रही थी , तब मुफ़्ती की शादी हो चुकी थी लेकिन मुफ़्ती को लो प्रोफाइल रहना ही पसंद था।

अब अगर मुफ़्ती के शादीशुदा जीवन की बात करें तो साल 1984 में महबूबा की शादी रिश्ते में अंकल लगने वाले जावेद इकबाल शाह से हुई थी, इन दोनों की लव स्टोरी भी बड़ी दिलचस्प है , महबूबा श्रीनगर यूनिवर्सिटी से एलएलबी पूरा करने वाली थीं, वहीं इकबाल यूनिवर्सिटी में पहुंचे थे दोनों में प्यार हो गया और शादी भी।

शादी के बाद दोनों दिल्ली आकर रहने लगे. बताया जाता है कि इस दौरान दोनों के बीच लड़ाई झगडे शुरू हो गए थे जिससे दोनों के बीच में दूरियां आ गयी और दोनों ने तलाक ले लिया। इनकी दो बेटियां भी हैं।

मुफ़्ती के राजनीतिक सफर में पति इकबाल शाह ने जम्मू-कश्मीर के पिछले विधानसभा चुनाव से पहले साल 2008 में मुफ्ती की पीडीपी के खिलाफ नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी की सदस्यता ली थी लेकिन हार का सामना करना पड़ा था वहीँ हार के बाद जल्द ही शाह ने नेशनल कांफ्रेंस पार्टी छोड़ दी थी। महबूबा अपने पिता के इन्तिकाल के बाद पीडीपी की करता धरता बन गई और मुफ्ती खानदान की राजनीतिक वारिस भी।